Tuesday, February 18, 2020
Monday, November 18, 2019
Quote of the day - Time...
वक़्त की कदर करना इंसान अक्सर भूल जाता है...
याद जब आता है, तब तक वक़्त गुज़र जाता है !!!
याद जब आता है, तब तक वक़्त गुज़र जाता है !!!
Saturday, October 19, 2019
आज का सुविचार / Thought of the day:
आज के परिणाम अतीत के कर्मो से तय होते हैं।
अपने भविष्य को बदल पाने के लिए आज के फैसलों को बदलें।
Today's results are determined by the actions of the past.
Change today's decisions to change your future. |
Friday, October 4, 2019
आज का सुविचार / Thought of the day:
आज के परिणाम अतीत के कर्मो से तय होते हैं।
अपने भविष्य को बदल पाने के लिए आज के फैसलों को बदलें।
Today's results are determined by the actions of the past.
Change today's decisions to change your future.
Thursday, May 30, 2019
आज का सुविचार / Thought of the day:
सम्भव की सीमा जानने का केवल एक ही तरीका है,
असम्भव से भी आगे निकल जाना।
There is only one way to know the extent of possible,
overtaking impossible.
Friday, May 17, 2019
आज का सुविचार / Thought of the day
सफलता तभी मिलती है, जब आप
अपनी कल्पना के ढाँचे में कर्म के रंग भी भरें।
Success comes when you fill the color of karma
in the framework of your imagination.
Tuesday, May 14, 2019
आज का सुविचार / Thought of the day
सफलता तभी मिलती है, जब
आप अपनी कल्पना के ढाँचे में कर्म के रंग भी भरें।
Success comes when you fill the color of karma
in the framework of your imagination
Wednesday, May 8, 2019
आज का सुविचार / Thought of the day:
अपने मिशन में कामयाब होने के लिए आपको
अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा।
To be successful in your mission
you will have to be loyal towards your goal
Tuesday, May 7, 2019
आज का सुविचार / Thought of the day
जिसे हारने का डर हैं, उसकी हार निश्चित है। – नेपोलियन
(The one who is afraid to lose definitely gets defeat)
(The one who is afraid to lose definitely gets defeat)
Thursday, March 14, 2019
सुबह उस शहर को जलते देखा ...
एक रात एक शहर सोया था चैन से ,
कुछ अजनबी साये चले,कुछ अनसुने से स्वर सुने,
सुबह उस शहर को जलते देखा ,
...
जिन्दगी को मानो थमते देखा |
सुबह उस शहर को जलते देखा ||
कभी भीड़ और शोर था चरों तरफ जहां,
उस रोज़ हर सड़क खाली हर जगह सून्सां,
सन्नाटे को चीरती आवाजों से अपनों को छलनी होते देखा |
सुबह उस शहर को जलते देखा ||
सारा शहर सदमे में था,थे परिंदे भी थर्रागाये ,
दरिंदों ने बड़ी जोर से बरसाई थी आग शहर पे,
उस आग में भी सायों से जवानों को लड़ते देखा ,
हर शहीद की जिन्दगी को बस तिरंगे में लिपटे देखा ?
सुबह उस शहर को जलते देखा !
सुबह उस शहर को जलते देखा ||
कुछ अजनबी साये चले,कुछ अनसुने से स्वर सुने,
सुबह उस शहर को जलते देखा ,
...
जिन्दगी को मानो थमते देखा |
सुबह उस शहर को जलते देखा ||
कभी भीड़ और शोर था चरों तरफ जहां,
उस रोज़ हर सड़क खाली हर जगह सून्सां,
सन्नाटे को चीरती आवाजों से अपनों को छलनी होते देखा |
सुबह उस शहर को जलते देखा ||
सारा शहर सदमे में था,थे परिंदे भी थर्रागाये ,
दरिंदों ने बड़ी जोर से बरसाई थी आग शहर पे,
उस आग में भी सायों से जवानों को लड़ते देखा ,
हर शहीद की जिन्दगी को बस तिरंगे में लिपटे देखा ?
सुबह उस शहर को जलते देखा !
सुबह उस शहर को जलते देखा ||
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